अमृत वचन

अमृत वचन — अमृत समान वचन

गुरुजी के सत्संगों से ली गई संक्षिप्त शिक्षाएँ और चिंतन — शब्द योग का सार, दैनिक जीवन में उतरता हुआ।

शब्द ही गुरु है, और शब्द ही वह मार्ग है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है।

— अमृत वचन
आशीर्वाद देते हुए गुरुजी
परम पूज्य सद्गुरुश्री दयाल जी महाराज।

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